Skip to main content

सच

आजकल पेड पर लदे आम खुद ही मजबूरी में नीचे गिरने लगे है...क्योंकि

आम को भी पता है गुलेल से पत्थर मारने वाला बचपन अब मोबाईल  में व्यस्त है..!!��

Comments

Popular posts from this blog

Jindgi

*लोग जल जाते हैं मेरी मुस्कान पर क्योंकि*
*मैंने कभी दर्द की नुमाइश नहीं की* *जिंदगी से जो मिला कबूल किया*
*किसी चीज की फरमाइश नहीं की* *मुश्किल है समझ पाना मुझे क्योंकि*
*जीने के अलग है अंदाज मेरे**जब जहां जो मिला अपना लिया*
*ना मिला उसकी ख्वाहिश नहीं की।*.                                                 🙏

जमाने

"धीरे धीरे उम्र कट जाती हैं!
"जीवन यादों की पुस्तक बन जाती है!"कभी किसी की याद बहुत तड़पाती है!
"और कभी यादों के सहारे जिंदगी कट जाती है!"किनारो पे सागर के खजाने नहीं आते!
"फिर जीवन में दोस्त पुराने नहीं आते!"जी लो इन पलों को हंस के दोस्तो
"फिर लौट के दोस्ती के जमाने नहीं  आते!!

Mee

2131427653 Create By : https://play.google.com/store/apps/details?id=com.fotoglobal.colorsplash